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2030 तक करीब 20 लाख AVGC Professionals की जरूरत
16 Aug 2026

2030 तक करीब 20 लाख AVGC Professionals की जरूरत

भारत के AVGC-XR क्षेत्र के लिए केंद्रीय बजट 2026: 2030 तक 20 लाख कुशल पेशेवरों की मांग

भारत के एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) इकोसिस्टम के तेजी से विस्तार पर जोर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस क्षेत्र में वर्ष 2030 तक लगभग 20 लाख कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी।

अपने बजट भाषण के दौरान सीतारमण ने घोषणा की कि बजट में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT), मुंबई को देश के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने के लिए सहायता देने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा, डिजाइन क्षेत्र में कुशल प्रतिभाओं की कमी को दूर करने और उद्योग की बढ़ती मांग के अनुरूप देश की प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

IICT में इंटीग्रेटेड मीडिया पोस्ट-प्रोडक्शन, एनीमेशन, VFX, XR और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े उन्नत कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। यह संस्थान शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग सहयोग और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा संयुक्त रूप से उद्घाटित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) मुंबई के पेडर रोड स्थित NFDC Films Division Complex में स्थापित है और इसने सितंबर 2025 से अपने शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए।

AVGC-XR उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने बजट पर क्या कहा?

Graphiti Studios के सह-संस्थापक और FICCI–AVGC-XR Forum के चेयरमैन मुंजाल श्रॉफ ने नए Content Creator Labs और NID की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम वैश्विक बाजारों के लिए ओरिजिनल IP तैयार करने वाले स्टोरीटेलर्स और टेक्नोलॉजिस्ट की मजबूत प्रतिभा श्रृंखला तैयार करेगा।

उन्होंने कहा, “ऑरेंज इकोनॉमी की निरंतर वृद्धि एक कुशल कार्यबल पर निर्भर करती है और यह बजट शुरुआती स्तर पर एक्सपोजर, व्यवस्थित स्किलिंग और संस्थागत क्षमता के माध्यम से इसकी मजबूत नींव रखता है। IICT ‘Create in India, for the World’ के लिए विश्वस्तरीय प्रतिभाओं को बड़े पैमाने पर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”

Green Gold Animation के संस्थापक एवं CEO राजीव चिलाका ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन पर वित्त मंत्री का जोर भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है।

उन्होंने कहा कि हजारों संस्थानों में लैब स्थापित करने से 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की जरूरत को पूरा करने के लिए एक मजबूत और टिकाऊ टैलेंट पाइपलाइन तैयार होगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय क्रिएटर्स को विश्वस्तरीय टूल्स और ट्रेनिंग तक पहुंच मिलेगी, जिससे स्थानीय भाषाओं में ओरिजिनल IP, रोजगार और सांस्कृतिक निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

Studio Eeksaurus के संस्थापक एवं क्रिएटिव डायरेक्टर सुरेश एरियट ने IICT को दिए गए समर्थन को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि क्रिएटिव इकोनॉमी के लिए इसी तरह की दीर्घकालिक सोच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बचपन से ही रचनात्मकता को विकसित करने से एक मजबूत आधार तैयार होता है। उन्होंने 2010 में चीन के स्कूली बच्चों से एनीमेशन फिल्म निर्माण के बारे में हुई अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लगाए गए छोटे-छोटे रचनात्मक बीजों ने चीन को आज वैश्विक एनीमेशन शक्ति बनने में योगदान दिया है, जिसका उदाहरण ‘Ne Zha 2’ जैसी फिल्में हैं।

उन्होंने कहा कि यदि भारत आज इसी तरह की पहल करता है, तो अगले 15 वर्षों में भारत में भी एक आत्मविश्वासी और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली क्रिएटिव इंडस्ट्री विकसित हो सकती है।

Powerkids Entertainment (Singapore) के CEO एवं Managing Director मनोज मिश्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर AVGC सेक्टर इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में सरकार की यह पहल समयानुकूल और स्वागत योग्य है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि इसका वास्तविक प्रभाव प्रभावी और लगातार होने वाले कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।

Reliance Animation के CEO तेजोनिधि भंडारे ने कहा कि कलाकारों की बढ़ती मांग के साथ AVGC Task Force की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।

उन्होंने कहा कि ऑरेंज इकोनॉमी भारत के लिए एक निर्णायक मोड़ है, जहां कला, तकनीक और नीति एक साथ आ रहे हैं। देशभर में AVGC प्रतिभाओं को विकसित करके भारत एक ऐसी क्रिएटिव सुपरपावर की नींव रख रहा है, जो दुनिया भर के मनोरंजन, संस्कृति और डिजिटल अनुभवों को प्रभावित कर सकती है।

Cosmos Maya International Division के CEO आदि शायन ने भी सरकार के कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में IICT के Creator Labs देश के हर कोने से आने वाले कंटेंट को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

हालांकि उन्होंने कहा कि वैश्विक निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए घोषित AVGC Incentive Policy पर स्पष्टता अभी भी उद्योग की प्रमुख मांग है।

DNEG India Studio Head A.R. SeshPrasad ने कहा कि यह AVGC क्षेत्र में रुचि पैदा करने और करियर के नए रास्ते खोलने की दिशा में एक बहुत सकारात्मक कदम है। शुरुआती स्तर पर एक्सपोजर मिलने से विद्यार्थियों को एनीमेशन, गेमिंग, VFX और कॉमिक्स में व्यावहारिक कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी और इससे मांग एवं प्रतिभा के बीच का अंतर कम होगा।

Astra Studios के Founder & CEO, IICT Governing Council सदस्य और CII Media & Entertainment Committee के Lead Biren Ghose ने कहा कि केंद्रीय बजट में Orange Economy पर दिया गया जोर एक रणनीतिक संकेत है कि भारत टेक्नोलॉजी और कल्पनाशक्ति को राष्ट्रीय विकास के इंजन के रूप में देख रहा है।

उनके अनुसार, बड़े पैमाने पर Creator Labs और IICT को बैकबोन के रूप में विकसित करने से लाखों करियर के अवसर पैदा किए जा सकते हैं और AVGC तथा डिजिटल स्टोरीटेलिंग में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाया जा सकता है।

AI और रोजगार को लेकर अलग राय

हालांकि, Paperboat Design Studios & Occult VFX Studios के Co-founder/Director Ashish Mall ने इस विषय पर एक अलग दृष्टिकोण रखा।

उन्होंने 20 लाख नौकरियों के अनुमान पर सवाल उठाते हुए कहा कि AI के बाद AVGC वर्कफोर्स का एक हिस्सा पहले ही विस्थापित हो चुका है और वर्तमान आवश्यकता नए लोगों की संख्या बढ़ाने के बजाय मौजूदा प्रोफेशनल्स को री-स्किल करने की है।

उनके अनुसार, AI का उद्देश्य लागत और मैनपावर को कम करना है, इसलिए लाखों नई नौकरियों का वादा करना भ्रामक हो सकता है। उन्होंने कहा कि केवल स्कूलों में लैब स्थापित करने से समस्या हल नहीं होगी।

उनका मानना है कि भारत को पहले मजबूत प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें कला और सौंदर्यबोध को मूलभूत शिक्षा का हिस्सा बनाया जाए। उनके अनुसार टूल्स YouTube से सीखे जा सकते हैं और जब तक विद्यार्थी इंडस्ट्री में पहुंचेंगे, तब तक AI के कारण वे टूल्स फिर बदल चुके होंगे।

केवल स्किलिंग नहीं, क्रिएटिविटी जरूरी

Charuvi Design Labs (CDL) की Founder Charuvi Agrawal ने बजट को एक सकारात्मक शुरुआत बताते हुए कहा कि हजारों स्कूलों और कॉलेजों में Creator Labs स्थापित करने से AVGC के साथ-साथ हेरिटेज, टूरिज्म और इमर्सिव एक्सपीरियंस जैसे क्षेत्रों में भी अवसरों का विस्तार होगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसे केवल “Skilling/IT Programme” के रूप में देखा गया, तो देश में क्रिएटर्स के बजाय केवल सर्टिफिकेट हासिल करने वाले लोग तैयार हो सकते हैं।

उनके अनुसार, कला के क्षेत्र में समस्या सॉफ्टवेयर या टूल ऑपरेटरों की कमी नहीं है। असली जरूरत डिस्कवरी, क्रिएटिव टेस्ट, आलोचना, मेंटरशिप और वास्तविक प्रोडक्शन के दबाव में लगातार अभ्यास की है।

उन्होंने कहा कि यदि इंडस्ट्री इन नए प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देने में सक्षम नहीं हुई तो निराशा बढ़ेगी, वेतन संरचना प्रभावित होगी और प्रतिभाएं या तो क्षेत्र छोड़ देंगी या अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर पाएंगी।

उन्होंने अमेरिका, फ्रांस, जापान और चीन के उदाहरण देते हुए कहा कि भारत के लिए एक तीन-स्तरीय मॉडल बेहतर हो सकता है:

1. Mass Exposure – स्कूलों और कॉलेजों में Creator Labs

 

2. Elite Nurture – Portfolio-based mentorship और apprenticeships

 

3. Demand/IP Engine – Commissioning, incentives और export strategy

 

AVGC को भविष्य की ग्रोथ इंडस्ट्री के रूप में पहचान

Toonz Media Group के Viswanth Rao ने कहा कि बजट में AVGC सेक्टर की पहचान उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। इससे संसाधनों के निरंतर आवंटन, निवेश, नवाचार और दीर्घकालिक विकास को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वैश्विक कंटेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है और स्टूडियो, प्लेटफॉर्म तथा क्रिएटर्स की भागीदारी भी बढ़ रही है। इसलिए उद्योग को आने वाले अवसरों के लिए तैयार होना होगा।

Raj Comics के Founder Sanjay Gupta ने कहा कि Union Budget 2026 भारत के AVGC सेक्टर के लिए एक निर्णायक क्षण है। यह Creative Industries को रोजगार, Innovation और Cultural Influence के इंजन के रूप में पहचानता है।

उन्होंने 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC Labs की स्थापना को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव बताया, जिससे देशभर के विद्यार्थियों को टूल्स, ट्रेनिंग और क्रिएटिव स्किल्स तक पहुंच मिलेगी।

उनके अनुसार, सही समर्थन मिलने पर भारतीय क्रिएटर्स विश्वस्तरीय स्टूडियो, लोकप्रिय कैरेक्टर और मजबूत IP तैयार कर सकते हैं, जो भारत की आवाज को पूरी दुनिया तक पहुंचाएंगे।

Small Town Boys Studio के Founder Alok Sharma ने कहा कि Union Budget 2026 AVGC-XR इंडस्ट्री के विस्तार के लिए सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।

हालांकि उन्होंने कहा कि अब यह स्पष्ट होना जरूरी है कि विभिन्न सेक्टर्स में फंड का उपयोग किस तरह किया जाएगा। उनके अनुसार, जहां services रोजगार और revenue पैदा करती हैं, वहीं भारत की soft power का आधार Original IP है।

उन्होंने भारतीय कॉमिक्स और ओरिजिनल IP को मजबूत करने तथा उन्हें वैश्विक स्तर पर भारत के Cultural Ambassadors के रूप में विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।

Vaibhavi Studios के Writer/Director Sourav Roychoudhury ने कहा कि यह सरकार का एक शानदार कदम है और इससे उम्मीदें बढ़ी हैं कि भारत जमीनी स्तर से भविष्य के लिए प्रतिभाओं को तैयार करेगा। उनके अनुसार, भारतीय एनीमेशन जल्द ही अपने शिखर पर पहुंचने वाला है और लंबे समय तक वहां बना रहेगा।

Abhijeet Kini Studios के Founder और Illustrator Abhijeet Kini ने कहा कि बजट ने AVGC सेक्टर को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों में Content Labs की योजना का स्वागत किया और कहा कि इससे अगली पीढ़ी के क्रिएटिव प्रोफेशनल्स को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

Gaming और Esports सेक्टर का समर्थन

Nodwin Gaming के Co-founder & MD Akshat Rathee ने कहा कि Union Budget 2026–27 में AVGC Creator Labs को समर्थन देना भारत की Creative और Digital Talent Pipeline तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उनके अनुसार, IICT को समर्थन देना एनीमेशन, गेमिंग और स्टोरीटेलिंग में युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

S8UL Esports और 8Bit Creatives के Founder & CEO Animesh Agarwal ने कहा कि Gaming और Esports के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने AVGC सेक्टर को तेजी से बढ़ते हुए देखा है और भारत में Structured Skilling की तत्काल आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स की अनुमानित आवश्यकता अवसर के साथ-साथ भविष्य की प्रतिभाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।

हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और टेक्नोलॉजी की जरूरत

CyberPowerPC India के Chief Operating Officer Vishal Parekh ने कहा कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC Creator Labs का समर्थन भविष्य के वर्कफोर्स के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए High-Performance Computing और मजबूत शिक्षा की नींव आवश्यक होगी।

LVL Zero Incubator के Incubation Head Sagar Nair ने कहा कि वित्त मंत्री की घोषणा भारत की Creative Economy के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC Labs से युवाओं को एनीमेशन, VFX, गेमिंग और कॉमिक्स में शुरुआती स्तर पर कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा। Incubation और Entrepreneurship pathways के साथ यह मॉडल Talent Pipeline को मजबूत कर सकता है, रोजगार बढ़ा सकता है और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकता है।

Funwave Studios के Founder Karan Hiranandani ने कहा कि वर्षों तक प्रतिभाओं को खुद रास्ता तलाशते हुए सीखना पड़ा। सरकार की इस तरह की सहायता से युवाओं के लिए अवसर पहले ही खुलेंगे और इससे उनके करियर की दिशा बदल सकती है।

निष्कर्ष

Union Budget 2026–27 में AVGC-XR सेक्टर को मिला समर्थन भारत की Creative Economy के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में Creator Labs की योजना, IICT को मजबूत करने का प्रस्ताव और नए National Institute of Design की स्थापना से भारत में Creative Talent Pipeline को बड़े स्तर पर विकसित करने की संभावना है।

हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल स्किलिंग और सर्टिफिकेट पर्याप्त नहीं होंगे। भारत को Talent Development के साथ-साथ Original IP, Industry Apprenticeship, Mentorship, Production Incentives, Global Market Access और AI-era Reskilling पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।

यदि इन पहलों का प्रभावी और निरंतर कार्यान्वयन होता है, तो AVGC-XR सेक्टर भारत के लिए रोजगार, निर्यात, तकनीकी नवाचार और Cultural Soft Power का एक बड़ा इंजन बन सकता है।

 

Source:- https://animationxpress.com